Posted by: kanchan | अप्रैल 26, 2008

मैं तुमसे कहना चाहूँगा

क्या तुम भी कभी ये सोचते हो
की मैं तुम्हारा कौन हूँ..?
हम तुम अचानक एक दिन मिले
और बन गए एक दुसरे के खास
काश …एक दिन कोई मिला
और आ गया दिल के कितना पास
कभी तुम ये सोचते होगे की
किसी दिन अचानक युही …..
कोई और न आ जाये
मेरे इस दिल के करीब
जहाँ तुम रहते हो अभी
और आके कहीं न लेले तुम्हारी जगह

तुम ये सोचकर परेशां हो जाते होगे
अचानक से ख्यालो में खो जाते होगे
तो मैं तुमसे कहना चाहूँगा
तुम जान बनकर हर पल
सीने में धड़कते हो मेरे
बनके लहू तुम रग रग में समाये हो
अब जान को निकाला तो मेरा जिस्म भी मर जायेगा
होगा न लहू रगों में तो जिस्म क्या कर पाएगा

Posted by: kanchan | अप्रैल 8, 2008

तुम्हारी याद आते ही

तुमको देखते ही
बजी दिल की घंटी

तुम्हारी याद आते ही
हुई मन में हलचल
पता नहीं क्यों
कब और कैसे
हुआ है तुम्हारी
किस बात का
इतना गहरा असर
न जान पाया
और ना ही कुछ
सोच और समझ पाय
पर यह सच है
कि छुआ है तुमने
मेरे दिल को
पता नहीं वो
कौन-सा अहसास है
कौन-सी बात है
जो छू गई है
मेरी दिल की गहराई को
और कर रही है बेचैन
कुछ तो हुआ है
जो कह पाना मुश्किल
ही नहीं नामुमकिन भी है

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